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तन्हाईयां और हम हिन्दीकविता जार बेरोजगार रुख अब रोता क्यों है तनहा शायर हूँ रोता दर्द ए दिल किताब बहुत wordssocial तड़पता याद कहीं गुम है रोता है hindokavita कर्म रूह टूटा हूं कई बार हिसाब दिल

Hindi दिल रोता है जार जार Poems